योग योगेश्वर कृष्ण की लीला स्थली ब्रजमंडल के पूर्वी छोर पर बसा जनपद इटावा । यह भूभाग इष्टापथ के रूप में जाना जाता है। महाभारत के अनुसार- पुनः इष्टापथं ययौ। यानी कि पांडव वनवास और अज्ञातवास के दौरान बार-बार इष्टापथ गए। बटेश्वर से पंचनद संगम स्थित भारेश्वर तक के दुर्गम भू-भाग में अनगिनत शिवलिंग हैं इनमें कुंडेश्वर बशिष्ठेश्वर धूमेश्वर आदि प्रमुख हैं। ऋषि-मुनियों की तपस्थली के रूप में गंगा यमुना के दोआब क्षेत्र का इष्टापथ कितने ही सिद्ध ऐतिहासिक तथ्य छिपाए हुए है। इन सभी को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से इष्टिकापुरी अकादमी की स्थापना साहित्यकार देवेश शास्त्री द्वारा जनवरी २००५ में हुई जिसका रजिस्ट्रेशन भी तत्काल कराया गया। इष्टिकापुरी अकादमी ने २००५ में हिन्दी पत्रकारिता के भीष्म पितामह माने जाने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पूर्व चेयरमेन पं देवीदयाल दुबे की प्रथम पुण्य तिथि पर ९-२-२००५ को केके कॉलेज में सेमीनार आयोजित किया। श्री दुबे की स्मृति में कलम के जादूगर थ्री डी नामक पुस्तक के प्रकाशन का निर्णय किया किंतु अपरिहार्य कारणों से पुस्तक नही छप पाई। इष्टिकापुरी अकादमी ने कंप्युटर शिक्षा के क्षेत्र में अंकिता कंप्यूटर सेंटर स्थापित किया जो विना मुनाफा साहित्यिक पुस्तकों के प्रकाशन का प्रमुख संस्थान है जिसकी देख रेख इष्टिकापुरी अकादमी के अध्यक्ष श्री राजेश मिश्रा महामंत्री देवेश शास्त्री कोषाध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा स्वयं देख रहे हैं। इष्टिकापुरी अकादमी ने इटावा जनपद के सामाजिक ऐतिहासिक भौगोलिक साहित्यिक सांस्कृतिक राजनैतिक पक्ष को भावी पीढी तक पहुचने के उद्देश्य से इटावा जानो सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित की जिसकी तैयारी के लिए इष्टिकापुरी दिग्दर्शिका नामक पुस्तिका प्रकाशित की और उसका विभिन्न विद्यालयों में निःशुल्क वितरित कराई। जिला व विद्यालय स्तर पर प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान पाने वाले प्रतिभागी पुरस्कृत किए गए यह प्रतियोगिता इष्टिकापुरी अकादमी के स्तर से लगातार ४ वर्ष चली अब जनपद प्रदर्शनी एवं पशुमेला द्वारा आयोजित क्विज कंटेस्ट प्रतियोगिता इटावा जानो-भारत जानो प्रतियोगिता के रूप में हो रही है।
साहित्यिक क्षेत्र में इष्टिकापुरी अकादमी ने ४ वर्षों में कई ऐतिहासिक कार्य किए। काव्य गोष्ठियां कविसम्मेलन सम सामयिक विषयों पर सेमीनार के साथ पत्रकार देवीदयाल दुबे शिक्षाविद बालाभ्यासी शर्मा कवि गिरिजा शंकर मिश्रा गिरिजेश बाबुराम दुबे प्रेम मूर्धन्य कवि शिव शरण अवस्थी पंगु चम्बल घाटी खंड काव्य के रचयिता शिवरतन सिंह प्रख्यात उपन्यासकार कुमार कश्यप जनवादी कवि अशोक अम्बर की स्मृति में कलम कारों को सम्मानित किया। यह क्रम जारी है। इष्टिकापुरी अकादमी ने मूर्धन्य कवि शिव शरण अवस्थी पंगु के जन्म स्थान ग्राम खिरिया जनपद मैनपुरी में जून 2008 में ऐतिहासिक खिरिया महोत्सव के आयोजन की प्रक्रिया प्रारम्भ की प्रथम महोत्सव में रामकथा कृष्णकथा पर व्याख्यान उत्तर भारत के प्रख्यात कलाकारों द्वारा धनुष भंग व परशुराम-लक्ष्मण संवाद का मंचन तथा विराट कवि सम्मलेन संपन्न हुआ।
इष्टिकापुरी अकादमी ने अनाचार अत्याचार भ्रष्टाचार के विरुद्ध जंग का ऐलान कर दिया है जिसकी कमान सेवानिवृत्त अधिकारी कर्मचारी शिक्षक संभल रहे हैं। इसके लिए देखें- jangeimaan.blogspot.com
साहित्यिक क्षेत्र में इष्टिकापुरी अकादमी ने ४ वर्षों में कई ऐतिहासिक कार्य किए। काव्य गोष्ठियां कविसम्मेलन सम सामयिक विषयों पर सेमीनार के साथ पत्रकार देवीदयाल दुबे शिक्षाविद बालाभ्यासी शर्मा कवि गिरिजा शंकर मिश्रा गिरिजेश बाबुराम दुबे प्रेम मूर्धन्य कवि शिव शरण अवस्थी पंगु चम्बल घाटी खंड काव्य के रचयिता शिवरतन सिंह प्रख्यात उपन्यासकार कुमार कश्यप जनवादी कवि अशोक अम्बर की स्मृति में कलम कारों को सम्मानित किया। यह क्रम जारी है। इष्टिकापुरी अकादमी ने मूर्धन्य कवि शिव शरण अवस्थी पंगु के जन्म स्थान ग्राम खिरिया जनपद मैनपुरी में जून 2008 में ऐतिहासिक खिरिया महोत्सव के आयोजन की प्रक्रिया प्रारम्भ की प्रथम महोत्सव में रामकथा कृष्णकथा पर व्याख्यान उत्तर भारत के प्रख्यात कलाकारों द्वारा धनुष भंग व परशुराम-लक्ष्मण संवाद का मंचन तथा विराट कवि सम्मलेन संपन्न हुआ।
इष्टिकापुरी अकादमी ने अनाचार अत्याचार भ्रष्टाचार के विरुद्ध जंग का ऐलान कर दिया है जिसकी कमान सेवानिवृत्त अधिकारी कर्मचारी शिक्षक संभल रहे हैं। इसके लिए देखें- jangeimaan.blogspot.com

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